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कब्जों पर संभागायुक्त चुरेन्द्र सख्त, कहा कलेक्टर बनाएं 15 अप्रैल तक प्रभावी कार्ययोजना, ग्रीन आक्सीजोन करे विकसित

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संभागायुक्त जी. आर. चुरेन्द्र ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित लोक प्रयोजन की जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि शमशान घाट, कब्रिस्तान, गौठान, सड़क, रास्ते, तालाब व तालाब की मेड़, शासकीय परिसर, खेल मैदान, स्टेडियम, हाट बाजार का स्थल आदि शासकीय संपत्तियां हैं। इसलिए इन स्थलों से अतिक्रमण हटाकर बेहतर प्रबंधन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को पौध रोपण कर ग्रीन जोन या ऑक्सीजोन के रूप में विकसित किया जाए।

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। संभागायुक्त चुरेन्द्र ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए छोटे तालाब और डबरियां बनाई जा सकती हैं। जो क्षेत्रवासियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने संभाग के सभी पांच जिलों दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव और कवर्धा के कलेक्टरों को अर्धशासकीय पत्र जारी कर लोक प्रयोजन की शासकीय जमीनों से अतिक्रमण हटाने के लिए 15 अप्रैल तक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए है कि आगामी 30 मई तक शत-प्रतिशत अतिक्रमण हटाना है। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा।
संभागायुक्त जी.आर. चुरेन्द्र ने निर्देश दिए है कि ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में स्थित लोक प्रयोजन के स्थलों पर हुए अतिक्रमण का सर्वेक्षण कर पंचनामा व नजरी नक्शा तैयार करें। इसके बाद प्रत्येक स्थल का पृथक-पृथक समग्र प्रतिवेदन तैयार करें। सर्वेक्षण कार्य पूरा हो जाने पर तुरन्त ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभा और नगरीय निकाय बॉडी की विशेष बैठक आहूत कर लोक प्रयोजन के स्थलों से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रस्ताव प्राप्त करें। इस बैठक में जो अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को भी बुलाएं और अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए प्रेरित करें।
2 माह की मोहलत
संभागायुक्त ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए अतिक्रमणकर्ताओं को अधिक से अधिक 2 महीने की समय सीमा निर्धारित करें। अगर तय समय-सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय या राजस्व अधिकारी के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को गलत तरीके से इन स्थलों का पट्टा प्रदान किया गया है तो युक्तियुक्त तरीके से सुनवाई करें और विधिवत आदेश पारित कर अवैध पट्टेदारों को बेदखल करने की कार्रवाई करें। उन्होंने निर्देश दिए है कि अतिक्रमण हटाने के बाद स्थलों का सीमांकन करवा लें और चैनतार/जालीतार, आयरन एंगल से बॉउण्ड्री का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में अतिक्रमण न हो।