दुर्ग, 3 अप्रैल। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे ही शहर में पेयजल संकट की चुनौती भी सामने आने लगी है। लेकिन इस बार नगर निगम दुर्ग पहले से ही सतर्क है। महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने बस स्टैंड के सामने स्थित जलघर प्रभारी कक्ष में जल विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर गर्मियों में सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन महीने की ठोस कार्य योजना बनाने और मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जलगृह प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बताया कि कुछ वार्डों में जल संकट की मुख्य वजह अमृत मिशन और फेस-2 के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों में लिकेज है। इन लिकेज की मरम्मत में बड़ी राशि लगेगी और कुछ इलाकों में एक-दो दिन पानी की सप्लाई रोकनी पड़ सकती है। इसके लिए जनता का सहयोग आवश्यक होगा।

महापौर ने निर्देश दिए कि लिकेज वाले इलाकों में टैंकर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और जनप्रतिनिधियों व नागरिकों को विश्वास में लेकर कार्य किया जाए। बैठक में यह भी तय हुआ कि फिल्टर प्लांट, मोटर, विद्युत सब-स्टेशन और शिवनाथ नदी के इंटकवेल की नियमित सफाई व देखरेख की जाए ताकि कोई तकनीकी बाधा ना आए।
महापौर ने गंज पारा वार्ड 36 के लेक व्यू सोसायटी और वार्ड 52 बोरसी में निवासियों द्वारा जल कनेक्शन के लिए राशि जमा किए जाने पर अमृत मिशन के पाइप से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी खराब टैंकरों को दुरुस्त कर तैयार रखने को कहा गया है।
बैठक में जल विभाग के कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, उपयंत्री मोहित मरकाम और निरीक्षक नारायण ठाकुर भी उपस्थित रहे।
यह कवायद इस बात की गारंटी है कि दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों को गर्मियों में पानी की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।
