इम्फाल: सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यीय न्यायाधीशों की टीम ने शनिवार, 22 मार्च 2025, को मणिपुर के राहत शिविरों का दौरा किया और वहां मौजूद शरणार्थियों से मुलाकात की। न्यायाधीशों ने राज्य में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद जताई। मणिपुर में करीब दो वर्षों से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है।
दो जिलों में किया दौरा
सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कानूनी सहायता और स्वास्थ्य शिविरों में भाग लिया और राहत सामग्री वितरित की। वे दो जिलों –

- हिल क्षेत्र चुराचांदपुर, जो कुकी-जो समुदाय का गढ़ है, और
- मेइती बहुल इंफाल घाटी के बिष्णुपुर जिले में पहुंचे।
शांति की अपील
न्यायाधीशों ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि न्यायपालिका उनकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है।
मणिपुर में जातीय हिंसा की पृष्ठभूमि
मणिपुर में 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसक झड़पें जारी हैं, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। हालात को सुधारने के लिए सरकार, सुरक्षा बलों और न्यायपालिका द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
