प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत देशभर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इसमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान भी शामिल हैं, जिनके खातों में 599.38 करोड़ रुपये की सम्मान निधि भेजी गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी। उन्होंने किसानों को सम्मानित भी किया और कहा कि “अन्नदाताओं का सम्मान, मां अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है।”
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छत्तीसगढ़ के किसानों को मिला 9712 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अब तक 9712.58 करोड़ रुपये की सम्मान निधि छत्तीसगढ़ के किसानों को दी जा चुकी है। पिछले साल की तुलना में 2.75 लाख अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला है।
- 2.34 लाख वन पट्टा धारी किसान और
- 32,500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।
धान खरीदी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सीएम साय ने बताया कि किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी गई थी, जिसे सरकार ने पूरा किया।
- पिछले खरीफ सीजन में 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 49,000 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे गए।
- इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया और विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 52,000 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए।
- 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपये का बकाया बोनस भी दिया गया।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उद्यानिकी, फसल विविधीकरण और पशुपालन पर जोर दिया जा रहा है।
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया।
- भूमिहीन किसानों को लाभ देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 5.62 लाख किसानों को 10-10 हजार रुपये की राशि दी गई।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार और कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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