नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में सोमवार और मंगलवार को अलग-अलग प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश और फिलिस्तीन के अल्पसंख्यकों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। मंगलवार को प्रियंका गांधी को क्रीम रंग के हैंडबैग के साथ देखा गया, जिस पर लिखा था, “बांग्लादेश के हिंदू और ईसाइयों के साथ खड़े हो”। इसके साथ ही कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई।
सांसदों ने “बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के साथ खड़े हो” संदेश वाले हैंडबैग लेकर प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। इससे पहले सोमवार को प्रियंका गांधी ने संसद में “पैलस्टाइन” लिखे हैंडबैग के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जो गाजा संघर्ष के दौरान फिलिस्तीनियों के प्रति उनके समर्थन का प्रतीक था।

प्रियंका गांधी ने मंगलवार को कहा, “सरकार को बांग्लादेश में हिंदू और ईसाई अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा का मुद्दा उठाना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए।” सोमवार को उन्होंने फिलिस्तीनियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से इस मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाने की अपील की थी।
गाजा संघर्ष पर भी प्रियंका का कड़ा रुख
गाजा में इजरायल की कार्रवाई को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहले भी कड़ी आलोचना की थी। जून में उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर “नरसंहारात्मक कार्रवाई” का आरोप लगाया था और इसे “बर्बरता” करार दिया था।
प्रियंका गांधी के ये प्रतीकात्मक प्रदर्शन संसद में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। उनके इस कदम को वैश्विक मानवीय मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
