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झोपड़ी बनाने के विवाद पर पडौसी के घर में लगा दी आग, आरोपी को अदालत से मिली 5 साल कारावास की सजा

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। झोपड़ी बनाने के विवाद पर घर में आग लगाए जाने के मामले में अदालत द्वारा फैसला सुनाया गया है।अदालत ने आगजनी की इस घटना को अंजाम देने वाले पीड़ित के पड़ोसी आरोपी युवक को दोषी ठहराया है। मामले में युवक को 5 वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि प्रभावित को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने का आदेश भी अदालत ने दिया है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश संजय कुमार जायसवाल की अदालत में आज सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक बालमुकुंद चंद्राकर ने पैरवी की थी।

घटना जामुल थाना अंतर्गत घासीदास नगर में वर्ष 2020 में घटित हुई थी। मामले के आरोपी तिजऊराम जांगड़े (35 वर्ष) का अपने पड़ोसी परमेश्वर सोनवानी (55 वर्ष) के साथ विवाद चल रहा। विवाद का कारण परमेश्वर द्वारा अपने मकान के पीछे अपनी मालिकाना हक की जमीन पर झोपड़ी बनाए जाने को था। इस झोपड़ी का विरोध तिजऊराम का परिवार कर रहा था और इसी विवाद के चलते तिजऊराम ने परमेश्वर के घर पर मिट्टी तेल छिड़कर कर आग लगा दी थी।

आगजनी की घटना से पहले परमेश्वर और तिजऊराम के परिवार के बीच मारपीट भी हुई थी। झोपड़ी बनाने के विरोध में 4 मई की रात लगभग 9 बजे तिजऊराम जांगड़े अपनी पत्नी मीना जांगड़े सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ परमेश्वर के घर लाठी-डंडा से लैस होकर पहुंचा था। जहां दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। मीना जांगड़े ने लाठी मारकर परमेश्वर की पत्नी सुनीता सोनवानी का सिर फोड़ दिया था। जिसकी शिकायत दोनों पक्षों द्वारा पुलिस भी की गई थी। जिसके बाद 5 मई के तड़के तिजऊराम मिट्टी तेल लेकर परमेश्वर के घर पहुंचा और मिट्टीतेल डाल कर घर में आग लगा दी। इस दौरान घर में मौजूद परमेश्वर की पुत्री शिवरानी कुर्रे और दामाद जिनेन्द्र कुर्रे अपने बच्चे सहित डरकर बाथरूम में छुप गए। घर में माता-पिता के लौटने पर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस में आगजनी की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी तिजऊराम जांगड़े के खिलाफ दफा 436 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।

विवेचना पश्चात प्रकरण को न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु पेश किया गया। प्रकरण पर विचारण सत्र न्यायाधीश की अदालत में किया गया। विचारण पश्चात न्यायाधीश ने आरोपी को आगजनी का दोषी करार दिया। मामले के अभियुक्त तिजऊराम जांगड़े (35 वर्ष) को दफा 436 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किए जाने का फैसला सुनाया है।