दुर्ग निगम की कारगुजारी : बारिश रूके आठ घंटा बीता पर नहीं हुई पानी की निकासी, दुर्ग यूनिवर्सिटी बनी टापू, नागरिक हलाकान

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। नगर निगम दुर्ग के हालात नए निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे के ज्वाइन करने के बाद से और भी बदहाल हो गए। अधिकारियों-कर्मचारियों पर उनका नियंत्रण नहीं होने से शहर में समस्याओं का अंबार लग गया है। सबसे ज्यादा परेशानी नागरिकों को इस बारिश के सीजन में उठानी पड़ रही है। हर सडक पानी की निकासी जाम होने की वजह से बरसात रूकने के घंटों बाद भी लबालब नजर आ रहीं है। लोग दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं। पर निगम प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। शिकायत करने पर निगम आयुक्त “देखते हैं ” का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ रहे है। वहीं विधायक-महापौर जलमग्न क्षेत्रों में फोटो खिंचवा कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है। संभवतः उन्हें किसी गंभीर और दुखद हादसे का इंतजार है।

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बता दें कि बरसात से पहले शहर के नालों-नालियों की पुख्ता सफाई कराए जाने का दावा निगम प्रशासन द्वारा किया गया था। लेकिन बरसात के प्रारंभ होते ही दावों को पोल खुलने लगी। शहर की सड़के पानी से सरोबर नजर आने लगी और मोहल्ले टापू बन गए। इसी बीच दुर्ग निगम के आयुक्त पद का प्रकाश सर्वे ने पिछली 4 जुलाई को पदभार ग्रहण किया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को सौंपी गई। जावेद अली के स्वास्थ्य अधिकारी का पद सम्हालते ही, शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई। सफाई के आभाव में नालियां जाम हो गई, जिसका खामियाजा नागरिकों को भोगना पड़ रहा है।

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निगम प्रशासन की इसी उदासीनता के बदौलत शहर की सिकोला बस्ती, सिकोला भाठा, मठपारा, शिक्षक नगर, शंकर नगर, संतराबाडी, कसारीडीह, केलाबाडी जैसी निचली बस्तियां जल मग्न हो रही है। वहीं शहर के उंचे स्थानों पर भी बरसात के घंटो बाद भी जल भराव नजर आ रहा है। यहां तक कि वीआईपी क्षेत्र सर्किट हाउस के पास स्थित दुर्ग यूनिवर्सिटी टापू बनी हुई है। विद्यार्थियों और नागरिकों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड रहा है।