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मंडराया चक्रवाती तूफान आसनी का खतरा, तीन दिनों तक मौसम रहेगा प्रभावित, छत्तीसगढ़ पर भी असर

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर पर चक्रवाती तूफान आसनी का खतरा बना हुआ है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर कल निम्‍न दबाव का क्षेत्र बन गया था, जिसके अगले 24 घंटों के दौरान अधिक तीव्र होने की संभावना है। इसके चलते कुछ इलाकों में भारी  से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही कई इलाकों में बहुत तेज हवाएं चल सकती हैं। चक्रवात आसनी को लेकर मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। चक्रवात का प्रभाव छत्तीसगढ़ पर भी नजर आएगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, 20 मार्च को अंडमान निकोबार द्वीप पर ज्‍यादातर जगहों पर हल्‍की से मध्‍यम बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है. साथ ही कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और चुनिंदा स्‍थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं 21 मार्च को  अंडमान द्वीप की ज्‍यादातर जगहों पर हल्‍की से मध्‍यम बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है। द्वीप के कुछ हिस्‍सों में भारी से बहुत भारी और कुछ हिस्‍सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। निकोबार द्वीप के कुछ इलाकों में हल्‍की से मध्‍यम बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आज शाम तक हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है जो कि 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं कल हवा की रफ्तार 55-65 किमी प्रति घंटे से चल सकती है और यह 85 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि 22 मार्च को भी हवा की तेज रफ्तार चल सकती है।
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व और अंडमान सागर से सटे दक्षिण में भारतीय तटरक्षक के जहाज और विमान समुद्र में मौजूद नाविकों और मछुआरों को मौसम को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले शनिवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर साल के पहले चक्रवात आसनी को लेकर अंडमान और निकोबार द्वीप प्रशासन ने मछुआरों के लिए एडवाइजरी जारी कर 19 से 22 मार्च के मध्‍य समुद्र में न जाने की अपील की है।