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फिर हुई चार गौवंशो की मौत, रोका-छेका व गौठान योजनाओं पर प्रशासन गंभीर नहीं, नहीं मिल रहा लाभ

दुर्ग (छत्तीसगढ़) आनंद राजपूत। राज्य शासन की पशुओं, खासतौर से गौवंशो को संरक्षण प्रदान करने की महती योजनाओं का असर दुर्ग जिले में नजर नहीं आ रहा है। इन योजनाओं को अमल में लाने में प्रशासन महज खानापूर्ति ही करता नजर आ रहा हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर नहीं हो पा रहा है। नतीजतन आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में गौवंशों की मौत हो रही है। प्रशासन की इसी लापरवाही के चलते आज तड़के फिर 4 गायों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से जख्मी हो गई। घायल गाय को दुर्घटना के बाद गौठान में उपचार के लिए भेजा गया है।

यह हादसा गंजपारा चौक से पुलगांव नाला के बीच हुआ। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से पांच गौवंशो गंभीर रुप से घायल हो गए। घटना का समय लगभग रात तीन बजे का बताया गया है। घायल इन पांच गौवंशो को समय पर मौके से हटाकर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से चार की मौत हो गई। सवेरे निगम अमले ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर मृत गौवंशो के शवों को हटाया और घायल गाय को उपचार के लिए गौठान भेजा।

बता दें कि पखवाड़े भर में शहरी क्षेत्र में यह तीसरी सड़क दुर्घटना है, जिसमें घायल होने से गौवंशों की मौतें हुई है। इससे पहले पुलगांव थाना अंतर्गत ग्राम पीपरछेडी के पास अंजोरा बाईपास पर भारी वाहन की चपेट में आने से 16 गौवंशों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार इस वाहन को पुलिस अब तक तलाश नहीं कर पाई है। इस दुर्घटना के बाद पुलगांव नाला पुल पर बस की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत हो गई थी। इन गंभीर हादसों के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली और सड़कों से गौवंशो को हटाने के लिए किसी प्रकार के उपाय नहीं किए गए। नतीजतन एक और हादसा हो गया और चार गौवंशो की मौत हो गई। फिलहाल इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है।